Aayushman Card Abhiyan: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आयुष्मान भारत योजना के तहत 90 दिन का विशेष अभियान चलाने जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश में छूटे हुए (लेफ्ट ओवर) पात्र परिवारों और उनके सदस्यों को आयुष्मान कार्ड के दायरे में लाना है। सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान शत-प्रतिशत पात्र परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं और किसी भी लाभार्थी को योजना से वंचित न रहने दिया जाए।
प्रशासन को दिए गए सख्त निर्देश
बुधवार को प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक की। इस दौरान निर्देश दिए गए कि सभी यूजर आईडी सक्रिय रहें, नियमित समीक्षा हो और कार्ड निर्माण की प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही न हो। जिलों को लक्ष्य के अनुसार काम करने के लिए कहा गया है।
क्या है आयुष्मान कार्ड (गोल्डन कार्ड)?
आयुष्मान कार्ड भारत सरकार की प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत जारी किया जाता है। इसके माध्यम से पात्र गरीब और कमजोर परिवारों को सूचीबद्ध सरकारी व निजी अस्पतालों में प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज मिलता है। इसमें अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद का खर्च, दवाइयां और जांचें शामिल होती हैं। यह योजना लाखों परिवारों को महंगे इलाज के बोझ से राहत देने में अहम भूमिका निभा रही है।